कोरिया -सोनहत। सोनहत क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मनमानी, शासकीय योजनाओं के जमीनी स्तर पर उचित क्रियान्वयन नहीं होने, आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ उचित व्यवहार नहीं किए जाने तथा विभिन्न मामलों में कथित अनियमितताओं को लेकर भाजपा नेता मनोज साहू ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि 10 सितम्बर से सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया जाएगा। इससे पहले प्रशासन को चेतावनी देने और जनता की समस्याओं को सामने लाने के लिए चेतावनी यात्रा निकाली जाएगी।
मनोज साहू ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में कथित मनमानी, भ्रष्टाचार, लापरवाही और जवाबदेही के अभाव के खिलाफ है। लंबे समय से क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी जाती रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
योजनाओं के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल
मनोज साहू का आरोप है कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा आम जनता के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन सोनहत क्षेत्र में कुछ अधिकारी इन योजनाओं को जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू नहीं कर रहे हैं। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में लापरवाही और मनमाने निर्णयों की शिकायतें सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है, लेकिन यदि प्रशासनिक स्तर पर ही योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न होगी तो सरकार की मंशा पूरी नहीं हो सकती।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर अधिकारी की टिप्पणी का मामला
मनोज साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर एक अधिकारी द्वारा की गई कथित टिप्पणी पर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास जैसी महत्वपूर्ण योजना पर किसी अधिकारी द्वारा सार्वजनिक रूप से आलोचनात्मक टिप्पणी किया जाना गंभीर विषय है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे मामलों की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
नियुक्ति और पदस्थापना में पारदर्शिता की मांग
भाजपा नेता ने क्षेत्र में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति तथा पदस्थापना को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कई मामलों में नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से नियुक्तियां और पोस्टिंग किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमों का पालन होना आवश्यक है।
चेतावनी यात्रा के बाद सत्याग्रह
मनोज साहू ने बताया कि 10 सितम्बर से शुरू होने वाले सत्याग्रह से पहले सोनहत क्षेत्र में चेतावनी यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा के माध्यम से प्रशासन को क्षेत्र की समस्याओं और लगातार की जा रही शिकायतों से एक बार फिर अवगत कराया जाएगा तथा शासन-प्रशासन से समय रहते कार्रवाई की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि चेतावनी यात्रा का उद्देश्य प्रशासन को आंदोलन के प्रति सचेत करना और जनता की आवाज को मजबूती से सामने रखना है। इसके बाद भी यदि समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो 10 सितम्बर से सत्याग्रह शुरू किया जाएगा।
तथ्यों और दस्तावेजों के साथ होगा आंदोलन
मनोज साहू ने कहा कि सत्याग्रह के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दे केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं होंगे। संबंधित मामलों में उपलब्ध दस्तावेज, शिकायतें और तथ्य सार्वजनिक रूप से सामने रखे जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना नहीं, बल्कि व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित कराना है।
उन्होंने कहा, “हमने अधिकारियों को कई बार तथ्यों के साथ शिकायतें दी हैं। यदि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होगी तो जनता की आवाज को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से सत्याग्रह करना हमारा अधिकार है। हमारा संघर्ष सोनहत की जनता के अधिकार, सम्मान और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए है।”
मनोज साहू ने प्रशासन से अपील की है कि चेतावनी यात्रा और सत्याग्रह की नौबत आने से पहले क्षेत्र की शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लिया जाए और तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




